Help Sidharth Chaurasiya | Milaap
Help Sidharth Chaurasiya
46%
Raised
Rs.22,857
of Rs.50,000
21 supporters
  • SC

    Created by

    Sidharth Chaurasiya
  • SC

    This fundraiser will benefit

    Sidharth Chaurasiya

    from New Delhi, Delhi

Story

25 साल के Sidharth ने कुछ दिनों पहले अपने पिता को खो दिया है। उसने कई जानने वाले बड़े पत्रकारों और वरिष्ठ रिपोर्टरों को फ़ोन किया, लेकीन उसे एक ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिल पाया। नतीजतन मां और छोटे भाई के सामने पिता ने एड़ियां रगड़कर जान दे दी। मदर्स डे से कुछ दिन पहले एक मां, वार्ड ब्वॉय के पैरों से लिपटकर रोती रही कि उसके पति को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में एक बेड मिल जाए।

व्हाट्सऐप पर Media job के नाम से ग्रुप चलाने वाला यह सिद्धार्थ, जो खुद आर्थिक रूप से कमजोर है, इसके बावजूद हजारों बेरोजगारों की जॉब दिलाने में मदद करता रहा है, उस दिन असहाय होकर अपनी मां और छोटे भाई को मजबूर और बिलखते देखता रहा। उसकी आंखों के सामने उसके पिता की जान चली गई।

बाद में दो दिनों तक वह अपनी मां, छोटे भाई और पिता की लाश के साथ भूखे प्यासे शमसान में रहा, फिर जाकर वह अपने पिता का अंतिम संस्कार कर पाया। दिल्ली से बिहार जाने के लिए उसने अपने कुछ दोस्तों से पैसे उधार मांगे, फिर अपने पिता की अस्थियों और बचे हुए परिवार के साथ पटना गया।

फेसबुक मित्रों, कई लोग ऐसे हैं जो पोस्ट देखते हैं और यह सोच कर आगे बढ़ जाते हैं कि वो कर ही क्या सकते हैं। कई लोग इसलिए रिएक्ट नहीं करते की वो ख़ुद भी काफी कुछ झेल रहे हैं। कई लोग पोस्ट फॉरवर्ड कर कहते हैं कि इससे ज़्यादा कुछ नहीं कर सकते। कृपया कर इस बच्चे की मदद करें। पिज्जा पार्टी और छोटी मोटी आउटिंग पर होने वाला खर्च भी अगर डोनेट कर दें तो उसके लिए बड़ी मदद हो जाएगी।
आपकी छोटी मदद भी उसके जीने के लिए बड़ी उम्मीद पैदा कर सकती है। 25 साल की इस छोटी उम्र में उसपर मां और भाई दोनों की ज़िम्मेदारी है। घर में अकेला कमाने वाला है, पिता ने कोई जमापूंजी नहीं छोड़ी है और प्रॉपर्टी के नाम पर अपना घर भी नहीं है। कृपया मदद करें..कुछ पैसों की मदद से उसके घर का कुछ दिनों का खर्चा निकल जाएगा🙏🙏🙏। इंसानियत दिखाने का यही समय है। छोटी मदद भी बड़ी होगी। ज्यादा से ज्यादा इस पोस्ट को शेयर करें।

The 25-year-old Sidharth lost his father a few days ago. He telephoned many well-known journalists and senior reporters, but could not find an oxygen cylinder. As a result, the father gave up his life by rubbing heels in front of mother and younger brother. A few days before Mother's Day, a mother clung to the ward boy's feet crying that her husband would get a bed at Deen Dayal Upadhyay Hospital.

Siddharth, who runs a group called Media job on WhatsApp, who is financially weak himself, has been helping to get jobs for thousands of unemployed, that day helplessly watching his mother and younger brother being forced and shouted. His father lost his life in front of his eyes.

Later, for two days, he lived in a hungry thirsty shamsana with the corpse of his mother, younger brother and father, then he was able to perform the last rites of his father. He borrowed money from some of his friends to go from Delhi to Bihar, then went to Patna with his father's ashes and remaining family.

Facebook friends, there are many people who see the post and move forward thinking what they can do. Many people do not react because they themselves are facing a lot. Many people say post forward that they cannot do more than this. Please help this child. If you donate the expenses on the pizza party and the small outing, then it will be a big help for him.
Your small help can also create great hope for her to live. At this young age of 25 years, he has the responsibility of both mother and brother. The only earner in the house is, the father has not left any deposit capital and does not even own a house in the name of the property. Please help .. with the help of some money, a few days' expenses will come out of his house. This is the time to show humanity. Small help will also be big. Share this post at the most.

Read More

support