29-08-2020: नाम:- आद्या शंकर
गाँधी फ़ेलो, बैच 12
बारपेटा, असम
सुरक्षित दादा दादी नाना नानी अभियान के दौरान, मेरी बात अर्चना दत्ता जी से बात हुई उस समय, वह काफ़ी परेशान थी ,बात करने पर पता चला उनके पति को न्यूरो सम्बन्धी समस्या हैं। Lockdown के कारण अर्चना दत्ता जी, सर् को अस्पताल में नही दिखा पा रही थीं, जिसकी वजह से उनकी तबियत दिन प्रतिदिन गिरती जा रही थी। अर्चना जी ने बातों बातों में बताया कि दो दिन पहले ,उनके पति इसी समस्या के कारण सीढ़ी से गिर गए थे। गिरने के बाद सर् अब खाना भी ठीक से नही खा पा रहे थे, जिसकी वजह से उनका पूरा परिवार बहुत दुःखी था। उन्होंने बोला सर् मैं क्या करूँ मुझे कुछ समझ नही आ रहा, उस समय मुझसे जो हो पाया मैंने मदद करने की कोशिश की। उनको राज्य प्रशासन की ओर से जारी टोल फ्री नंबर 104 के बारे में बताया और मैम को उस नम्बर पर फ़ोन करने की सलाह दी, मैम बोली वह जरूर फोन करेंगी।
2 दिन बाद मैंने अर्चना जी को फ़ोन किया, सर् का हाल-चाल जानने के लिए। अर्चना जी बोली, "आपके कहने पर मैंने 104 पर फ़ोन किया और उन्होने मेरी बात Doctor of Medicine (MD) से करायीं। MD ने हमें कुछ दवाइयो का सुझाव दिए। दवाईयां खाने के बाद सर् की तबियत में अब काफ़ी सुधार हुआ है।" उन्होंने आगे कहा - आद्या आपने हमारे परिवार की इस मुश्किल घड़ी में मदद की,जिसके लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया।
मुझें ख़ुशी हैं मैं इस अभियान का एक हिस्सा हुँ और मुझें लोगों की मदद करने का अवसर मिल रहा हैं।
गाँधी फ़ेलो, बैच 12
बारपेटा, असम
सुरक्षित दादा दादी नाना नानी अभियान के दौरान, मेरी बात अर्चना दत्ता जी से बात हुई उस समय, वह काफ़ी परेशान थी ,बात करने पर पता चला उनके पति को न्यूरो सम्बन्धी समस्या हैं। Lockdown के कारण अर्चना दत्ता जी, सर् को अस्पताल में नही दिखा पा रही थीं, जिसकी वजह से उनकी तबियत दिन प्रतिदिन गिरती जा रही थी। अर्चना जी ने बातों बातों में बताया कि दो दिन पहले ,उनके पति इसी समस्या के कारण सीढ़ी से गिर गए थे। गिरने के बाद सर् अब खाना भी ठीक से नही खा पा रहे थे, जिसकी वजह से उनका पूरा परिवार बहुत दुःखी था। उन्होंने बोला सर् मैं क्या करूँ मुझे कुछ समझ नही आ रहा, उस समय मुझसे जो हो पाया मैंने मदद करने की कोशिश की। उनको राज्य प्रशासन की ओर से जारी टोल फ्री नंबर 104 के बारे में बताया और मैम को उस नम्बर पर फ़ोन करने की सलाह दी, मैम बोली वह जरूर फोन करेंगी।
2 दिन बाद मैंने अर्चना जी को फ़ोन किया, सर् का हाल-चाल जानने के लिए। अर्चना जी बोली, "आपके कहने पर मैंने 104 पर फ़ोन किया और उन्होने मेरी बात Doctor of Medicine (MD) से करायीं। MD ने हमें कुछ दवाइयो का सुझाव दिए। दवाईयां खाने के बाद सर् की तबियत में अब काफ़ी सुधार हुआ है।" उन्होंने आगे कहा - आद्या आपने हमारे परिवार की इस मुश्किल घड़ी में मदद की,जिसके लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया।
मुझें ख़ुशी हैं मैं इस अभियान का एक हिस्सा हुँ और मुझें लोगों की मदद करने का अवसर मिल रहा हैं।
20-08-2020: We are going to utilise this funds to generation of volunteers in 112 Aspirational District recognised by NITI Ayog and also going to support 3 Crore Senior Citizens living in this Aspirational district by providing them Food, Medical Supplies, and Awareness about this Pandemic.