Most of us discuss politics every day.
We debate it.
We criticise it.
We feel frustrated by it.
But very few of us invest in preparing the people who are in it.
Politics shapes our everyday lives from local roads to national policies.
Yet political leadership is one of the only professions we expect excellence from, without building systems to nurture it.
That has to change.
Why Indian School of Democracy Exists?
The Indian School of Democracy was founded with a simple belief:
If politics shapes the nation, then leadership in politics must be prepared intentionally at the grassroots.
Politics does not begin in Parliament.
It begins in neighbourhoods, panchayats, wards and constituencies.
That is where trust is built.
That is where leadership is tested.
That is where democracy either strengthens or weakens.
ISD nurture emerging grassroots leaders across party lines with:
• Ethical grounding
• Political understanding
• Organisational skills
• Financial clarity
• Deep constituency engagement
We remain non-partisan because better politics must belong to everyone.
What We Have Built So Far?
Since our inception:
• Built a community of 480+ grassroots politicians
• Across 27 States & UTs
• Representing 16+ political parties
• Through Democracy Express, She Represents & The Good Politician Program
We are building an ecosystem where principled politics is not an exception but a practice.
Why We Are Raising ₹30 Lakhs
This year, we aim to raise ₹30 Lakhs to:
• Offer scholarships to grassroots leaders
• Run immersive residential political programs
• Support alumni entering public life
• Expand women’s political leadership initiatives
• Strengthen a citizen-funded, non-partisan political institution
Why We Crowdfund?
To build better politics, we must avoid dependence on a few powerful millionaires.
We choose to be funded by citizens.
Because when thousands of ordinary people support political leadership programs, politics becomes more accountable to society, rather than to special interests.
Politics needs criticism.
Politics needs debate.
But above all, Politics Needs You.
Not just as a voter.
Not just as an observer.
But as a builder.
If you want better politics,
help prepare better political leaders.
Build Better Politics
Fund the Politics We Need.
Contribute today.
(Contributions eligible under Section 80G of the Income Tax Act, 1961.)
About the Indian School of Democracy:
Vision: Redefining public leadership
Mission: Nurture principled leaders with moral courage and imagination, to work on strengthening Indian democracy through politics.
Our How: Indian School of Democracy (ISD) runs short and long term leadership programs through which we envision nurturing leaders who will be the epitome of principled leadership, and will serve the nation with a goal to reach the unreached. ISD will nurture young people for political space and create pathways for them to serve through politics after our programs.
Vision: Redefining public leadership
Mission: Nurture principled leaders with moral courage and imagination, to work on strengthening Indian democracy through politics.
Our How: Indian School of Democracy (ISD) runs short and long term leadership programs through which we envision nurturing leaders who will be the epitome of principled leadership, and will serve the nation with a goal to reach the unreached. ISD will nurture young people for political space and create pathways for them to serve through politics after our programs.
हम में से अधिकांश लोग हर दिन राजनीति पर चर्चा करते हैं।
हम बहस करते हैं।
हम आलोचना करते हैं।
हम उससे निराश भी होते हैं।
लेकिन हम में से बहुत कम लोग उन लोगों को तैयार करने में निवेश करते हैं जो राजनीति में हैं।
राजनीति हमारे रोज़मर्रा के जीवन को आकार देती है — स्थानीय सड़कों से लेकर राष्ट्रीय नीतियों तक।
फिर भी राजनीतिक नेतृत्व उन गिने-चुने क्षेत्रों में से एक है, जहाँ हम उत्कृष्टता की अपेक्षा तो करते हैं, लेकिन उसे विकसित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं बनाते।
इसे बदलना होगा।
इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी क्यों अस्तित्व में है?
इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी की स्थापना एक सरल विश्वास पर हुई:
यदि राजनीति राष्ट्र को आकार देती है, तो राजनीति में नेतृत्व की तैयारी भी जमीनी स्तर पर सोच-समझकर और उद्देश्यपूर्ण ढंग से होनी चाहिए।
राजनीति संसद से शुरू नहीं होती।
यह मोहल्लों, पंचायतों, वार्डों और निर्वाचन क्षेत्रों से शुरू होती है।
यहीं विश्वास बनता है।
यहीं नेतृत्व की परीक्षा होती है।
यहीं लोकतंत्र मजबूत होता है या कमजोर।
इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी विभिन्न दलों से आने वाले उभरते जमीनी नेताओं को तैयार करता है, जिनमें शामिल हैं:
• नैतिक आधार
• राजनीतिक समझ
• संगठनात्मक कौशल
• वित्तीय स्पष्टता
• निर्वाचन क्षेत्र से गहरा जुड़ाव
हम गैर-पक्षपाती हैं, क्योंकि बेहतर राजनीति सभी की होनी चाहिए।
अब तक हमने क्या बनाया है?
स्थापना के बाद से:
• 480+ जमीनी राजनीतिज्ञों का समुदाय
• 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में
• 16+ राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व
• डेमोक्रेसी एक्सप्रेस, शी रिप्रेज़ेंट्स और द गुड पॉलिटिशियन कार्यक्रमों के माध्यम से
हम एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बना रहे हैं जहाँ सैद्धांतिक राजनीति अपवाद नहीं, बल्कि अभ्यास बने।
हम ₹30 लाख क्यों जुटा रहे हैं?
इस वर्ष हमारा लक्ष्य ₹30 लाख जुटाने का है, ताकि हम:
• जमीनी नेताओं को छात्रवृत्तियाँ दे सकें
• आवासीय राजनीतिक नेतृत्व कार्यक्रम चला सकें
• सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर रहे एलुमनाई का सहयोग कर सकें
• महिलाओं के राजनीतिक नेतृत्व पहलों का विस्तार कर सकें
• नागरिक-समर्थित, गैर-पक्षपाती राजनीतिक संस्था को मजबूत बना सकें
हम क्राउडफंडिंग क्यों करते हैं?
बेहतर राजनीति के निर्माण के लिए हमें कुछ गिने-चुने प्रभावशाली धनवानों पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
हम नागरिकों द्वारा समर्थित संस्था बनने का चुनाव करते हैं।
क्योंकि जब हजारों आम लोग राजनीतिक नेतृत्व कार्यक्रमों का समर्थन करते हैं, तब राजनीति विशेष हितों के बजाय समाज के प्रति अधिक जवाबदेह बनती है।
राजनीति को आलोचना चाहिए।
राजनीति को बहस चाहिए।
लेकिन सबसे बढ़कर, राजनीति को आपकी ज़रूरत है।
सिर्फ एक मतदाता के रूप में नहीं।
सिर्फ एक दर्शक के रूप में नहीं।
बल्कि एक निर्माणकर्ता के रूप में।
यदि आप बेहतर राजनीति चाहते हैं,
तो बेहतर राजनीतिक नेताओं की तैयारी में सहयोग करें।
बेहतर राजनीति का निर्माण करें।
जिस राजनीति की हमें आवश्यकता है, उसे सशक्त बनाएं।
आज ही योगदान दें।
(आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत योगदान पर कर छूट उपलब्ध है।)
हम बहस करते हैं।
हम आलोचना करते हैं।
हम उससे निराश भी होते हैं।
लेकिन हम में से बहुत कम लोग उन लोगों को तैयार करने में निवेश करते हैं जो राजनीति में हैं।
राजनीति हमारे रोज़मर्रा के जीवन को आकार देती है — स्थानीय सड़कों से लेकर राष्ट्रीय नीतियों तक।
फिर भी राजनीतिक नेतृत्व उन गिने-चुने क्षेत्रों में से एक है, जहाँ हम उत्कृष्टता की अपेक्षा तो करते हैं, लेकिन उसे विकसित करने के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं बनाते।
इसे बदलना होगा।
इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी क्यों अस्तित्व में है?
इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी की स्थापना एक सरल विश्वास पर हुई:
यदि राजनीति राष्ट्र को आकार देती है, तो राजनीति में नेतृत्व की तैयारी भी जमीनी स्तर पर सोच-समझकर और उद्देश्यपूर्ण ढंग से होनी चाहिए।
राजनीति संसद से शुरू नहीं होती।
यह मोहल्लों, पंचायतों, वार्डों और निर्वाचन क्षेत्रों से शुरू होती है।
यहीं विश्वास बनता है।
यहीं नेतृत्व की परीक्षा होती है।
यहीं लोकतंत्र मजबूत होता है या कमजोर।
इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी विभिन्न दलों से आने वाले उभरते जमीनी नेताओं को तैयार करता है, जिनमें शामिल हैं:
• नैतिक आधार
• राजनीतिक समझ
• संगठनात्मक कौशल
• वित्तीय स्पष्टता
• निर्वाचन क्षेत्र से गहरा जुड़ाव
हम गैर-पक्षपाती हैं, क्योंकि बेहतर राजनीति सभी की होनी चाहिए।
अब तक हमने क्या बनाया है?
स्थापना के बाद से:
• 480+ जमीनी राजनीतिज्ञों का समुदाय
• 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में
• 16+ राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व
• डेमोक्रेसी एक्सप्रेस, शी रिप्रेज़ेंट्स और द गुड पॉलिटिशियन कार्यक्रमों के माध्यम से
हम एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बना रहे हैं जहाँ सैद्धांतिक राजनीति अपवाद नहीं, बल्कि अभ्यास बने।
हम ₹30 लाख क्यों जुटा रहे हैं?
इस वर्ष हमारा लक्ष्य ₹30 लाख जुटाने का है, ताकि हम:
• जमीनी नेताओं को छात्रवृत्तियाँ दे सकें
• आवासीय राजनीतिक नेतृत्व कार्यक्रम चला सकें
• सार्वजनिक जीवन में प्रवेश कर रहे एलुमनाई का सहयोग कर सकें
• महिलाओं के राजनीतिक नेतृत्व पहलों का विस्तार कर सकें
• नागरिक-समर्थित, गैर-पक्षपाती राजनीतिक संस्था को मजबूत बना सकें
हम क्राउडफंडिंग क्यों करते हैं?
बेहतर राजनीति के निर्माण के लिए हमें कुछ गिने-चुने प्रभावशाली धनवानों पर निर्भर नहीं होना चाहिए।
हम नागरिकों द्वारा समर्थित संस्था बनने का चुनाव करते हैं।
क्योंकि जब हजारों आम लोग राजनीतिक नेतृत्व कार्यक्रमों का समर्थन करते हैं, तब राजनीति विशेष हितों के बजाय समाज के प्रति अधिक जवाबदेह बनती है।
राजनीति को आलोचना चाहिए।
राजनीति को बहस चाहिए।
लेकिन सबसे बढ़कर, राजनीति को आपकी ज़रूरत है।
सिर्फ एक मतदाता के रूप में नहीं।
सिर्फ एक दर्शक के रूप में नहीं।
बल्कि एक निर्माणकर्ता के रूप में।
यदि आप बेहतर राजनीति चाहते हैं,
तो बेहतर राजनीतिक नेताओं की तैयारी में सहयोग करें।
बेहतर राजनीति का निर्माण करें।
जिस राजनीति की हमें आवश्यकता है, उसे सशक्त बनाएं।
आज ही योगदान दें।
(आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत योगदान पर कर छूट उपलब्ध है।)
इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी (आईएसडी) के बारे में
दृष्टि: सार्वजनिक नेतृत्व को नया रूप देना
उद्देश्य: नैतिक साहस और कल्पनाशीलता से युक्त सिद्धांतवादी नेत्रियों व नेताओं का पोषण करना, ताकि वे राजनीति के माध्यम से भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में काम कर सकें।
हमारा तरीका: इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी (आईएसडी) अल्पकालिक और दीर्घकालिक नेतृत्व कार्यक्रम चलाता है, जिनके माध्यम से हम ऐसे नेत्रियों व नेताओं को तैयार करने की कल्पना करते हैं जो सिद्धांतवादी नेतृत्व के आदर्श होंगे और वंचितों तक पहुँचने के लक्ष्य के साथ राष्ट्र की सेवा करेंगे। आईएसडी युवाओं को राजनीतिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार करेगा और हमारे कार्यक्रमों के बाद उन्हें राजनीति के माध्यम से सेवा करने के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।