Rehabilitations of Tribespeople | Milaap
Rehabilitations of Tribespeople
1%
Raised
Rs.500
of Rs.2,000,000
1 supporter
  • GREESH

    Created by

    GREESH KUMAR
  • GS

    This fundraiser will benefit

    GREESH SEN

    from Raipur, Chhattisgarh

Story

छत्तीसगढ़ के घने वनो में रहने वाले लोगों के गाँव में हाथीयों के आने व तोडफ़ोड़ की आवाज पर ग्रामीण अपने परिवार के सदस्यों के साथ घर से निकल कर भाग गया और पूरी रात बारिश  में रतजगा किया।
सुबह पहुंच कर ग्रामीण  ने देखा तो उसके घरों को हाथीयों ने  क्षतिग्रस्त कर चुका था और घर में रखे अनाज को चट कर चुका था।सूचना पर वन विभाग की टीम आज सुबह मौके पर पहुच नुकसान का आंकलन किया एवं  परिवार के सदस्यों  को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट  कर दिया । Sample photoपर अब गाँव के लोगों के पास अपना घर नहीं बचा ।गाँव के लोग इस गर्मी में कोरोना के समय में अपने घर के बाहर पेड़ के छाँव में रात और दिन गुजर रहे हैं , बरसत आने वाली हैं अब गाँव वाले  ज्यादा मुसीबत का सामना करने वाले हैं ।शहर में रहकर हम इनकी परेशानी को नहीं समझ पाते हैं ।जहां बिना बिजली पुरी बरसात कच्चे मकान में बितानी पड़ेगी , सांप और कीट के सांए में बच्चे रहेंगे , अनाज नही होगी और बरसात के बाद ही अनाज का प्रबंधन हो पायेगा क्योंकि राशन वितरण प्रणाली केंद्र तक पहुचं बरसात में दूभर हो जाती है ।Sample photo हम एक संस्था के रुप में एक ऐसी प्रयास में लगे हुए है जो लोगो को समय पर जो सरकारी सुविधाओं से वंचित रह गए हैं उन्हें उनके घर की मररम्मत और बिजली के साधन (सोलर पैनल) , व एक निश्चित अवधि तक के राशन व स्वास्थ्य सुविधाएंउन्हें प्रदान करने में सहायता करते है ।पर ये संभव तभी हुआ जब हम सब ने मिलकर इस काम को सफल करने का काम किया परंतु कोरोना महामारी के बाद अब निजी फण्ड आने कम हो गए तथा जो फण्ड हमसे हो पाया हमने कोरोना के रिलीफ़ हेतु लोगो के लिए लगा दिए है और आगे भी प्रयासरत है ।वनों के गांवों में रहने वालों को अब बरसात के दिनों में फिर से समस्याओं का सामना करना पड़ेगा  जिसे पर पुनः कार्य करने के लिए हमें आप सबकी सहयोग की आवश्यकता है ।हम वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य में अपना काम कर रहे है पर इस काम को और ज्यादा रूप से करना आवश्यक हो गया है ।अतः आप सबसे निवेदन है कि कृपया हमें (Helps for Rehabilitations Group)प्रोत्साहित करें और कोरोना के साथ साथ उन लोगो के मदद में सामने आए जो वनों में असुविधाजनक जीवन यापन कर रहे है ।।
Sample photo
At the sound of elephants coming and breaking in the village of people living in the dense forest of Chhattisgarh, the villagers escaped from the house along with their family members and stayed overnight in the rain.Arriving in the morning, the villager saw that his houses had been damaged by elephants and had chopped the grains kept in the house. On the information, the forest department team reached the spot this morning and assessed the damage and shifted the family members to a safe place. But now the people of the village do not have their home left. The people of the village are passing night and day in the shade of trees outside their house at the time of Corona this summer, the rain is coming, now the villagers are going to face more trouble. We do not understand their problems by staying in the city. Where there will be no electricity to spend in full rains, children will live in the shadow of snakes and pests, there will be no grain and only after the rain, the grain will be managed because the ration distribution system reaches the center becomes scarce in the rain. As an organization, we are engaged in such an effort that the people who have been deprived of government facilities at the time, they should get the repair and electricity of their homes (solar panels), and the ration and health facilities up to a certain period. Help provide them. But this was possible only when we all worked together to make this work successful  but after the corona epidemic, now private funds have come down and the funds that have been able to get from us, we have put people for the relief of Corona and we are trying even further. is  . People living in forest villages will now have to face problems again during the rainy days, but we need your support to work again. We are currently doing our work in the state of Chhattisgarh, but it has become necessary to do this work in more ways. Therefore, you are most requested to kindly encourage us and along with Corona came to the aid of people who are living in inconvenient forests.

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