उत्तराखंड मूल के युवाओं के हेयर सलून खुलवाने हेतु सहयोग करैं | | Milaap
उत्तराखंड मूल के युवाओं के हेयर सलून खुलवाने हेतु सहयोग करैं |
1%
Raised
Rs.1,000
of Rs.1,000,000
1 supporter
  • Wild Tuskers Society

    Created by

    Wild Tuskers Society
  • WT

    This fundraiser will benefit

    Wild Tuskers Society

    from Uttarakhand

Story

मित्रो
वाइल्ड टस्कर्स सोसाइटी द्वारा उत्तराखंड के नौजवानो को हुनरमंद बना कर स्वरोजगार अपनाने हेतु अभियान चलाया जा रहा है | अब समय आ गया है जब हम उत्तराखंडियों को एकत्रित होकर एकजुटता से अपने लोगो को पलायन करने से रोकना है | हमारे युवा चंद रूपये के लिए बड़े शहरो मैं छोटी मोटी नौकरी कर रहे हैं जबकि थोड़ा सा हुनर सीख कर वे 50-60 हज़ार रुपए अपने शहर अथवा गांव मैं कमा सकते हैं | हम हिन्दू समाज के लोग अपने घर, दुकान, ऑफिस मैं बैठ कर सिर्फ गपियाते हुए अपने समाज के बारे मैं चिंता कर लेते हैं, पर जब कुछ वास्तविक कार्य करना हो तो हम हाशिये पर नज़र आते हैं |आज के समय मैं हमारे युवा जहाँ होटलो मैं 7-8 हज़ार के लिए वेटर और बर्तन माझने का कार्य रहे हैं वहीं पहाड़ के छोटे से बड़े कस्बे मैं सलून, कारपेंटर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, एयर कंडीशनर रिपेयरिंग आदी का कार्य कर के बाहरी लोग लाखो रूपये कमा कर ले जा रहे हैं |
वाइल्ड टस्कर्स सोसाइटी द्वारा उत्तराखंडी नौजवानो को रोजगार देने एवं पलायन रोकने हेतु निम्नलिखित लक्ष्य रखे गए हैं |
# स्थानीय युवको को प्रशिक्षण दिलवा कर अगले 18 माह मैं कम से कम 500 हेयर सलून उत्तरखंड के शहरों एवं गांवो मैं खुलवाना |
# उत्तराखंड के सभी शहर एवं कस्बो मैं स्थानीय युवको को इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर, वेल्डर, कारपेंटर आदि की ट्रेनिंग दिलवा कर दुकाने खुलवाना|
# स्थानीय युवाओं को हुनरमंद बना कर दूकान खोलने मैं आर्थिक सहायता करना |
# दूकान खुलवाने के बाद उनका प्रचार प्रसार करना|
# उत्तराखंड के निवासियों को स्थानीय युवाओ के प्रतिष्ठान से ही कार्य करवाने हेतु जागरूक करना |हमारे स्थानीय उत्तराखंडी युवको का हुनर वाले काम मैं रूचि न दिखने का एक बहुत बड़ा कारण स्वयं हम ही लोग हैं | अगर कोई युवा हेयर सलून, कारपेंटर, वेल्डर आदि का कार्य शुरू करता है तो हमारे ही समाज के लोग उसका मज़ाक बनाने लगते हैं | प्रायः लोग कहने लगते हैं की देखो पढ़ लिख कर वेल्डर बन गया, बाल काटने लग गया आदि आदि | वही युवा महानगरों मैं जा का बर्तन साफ़ करैं तो भी दिखावा करते हुए माँ बाप कहते हैं लड़का शहर मैं जॉब कर रहा है |
हमे अब इसी मानसिकता को बदलना है, दिखावा बंद करना है और जो भी युवा हुनरमंद बन कर स्वरोजगार करे उसका मनोबल बढ़ाना है | ऐसे युवा को सम्मान से देखने की जरुरत है |मित्रो आपसे निवेदन है की इस महा अभियान हेतु आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग देना सुनिश्चित करैं | अब सिर्फ बातें करने से काम नहीं चलेगा, हमें अपने समाज के हर वर्ग का सहयोग चाहिए होगा | 
ये महाअभियान चलाने हेतु नैतिक समर्थन के अलावा आर्थिक मदद की भी बहुत जरुरत है | आपकी जो अभी आर्थिक स्थिति हों उसके अनुसार सिर्फ एक साल तक प्रतिमाह आर्थिक सहायता करैं| हमारा आपसे वचन है की हम अपने समाज मैं आमूल-चूल परिवर्तन ला कर रहेंगे|
जय भारत, जय उत्तराखंड
निवेदक – वाइल्ड टस्कर्स सोसाइटी
(रजिस्टर्ड)
Visit: https://www.facebook.com/UttarakhandFightsAgainstMigration/
Friends
The Wild Tuskers Society is campaigning to adopt self-employment by making the youth of Uttarakhand skilled. Now the time has come when we Uttarakhandis should come together and prevent our people from escaping in solidarity. Our youth are doing small jobs in big cities for a few rupees, while learning a little skill, they can earn 50-60 thousand rupees in their city or village. We Hindu people sit in their homes, shops, offices and only worry about their society by gossiping, but when some real work is to be done, we are marginalized. I have been working as a waiter and utensil for 7-8 thousand, while in small and small towns of the mountain, I can work on repairing saloon, carpenter, welder, electrician, plumber, air conditioner, etc. Ri people are taking to earn millions of rupees |
The following goals have been set by the Wild Tuskers Society to give employment to Uttarakhandi youth and to prevent migration.

# To get local youth trained and open at least 500 hair salon in the next 18 months in cities and villages in Uttarakhand. # To get local youths trained in electricians, plumber, welders, carpenters etc. in all the cities and towns of Uttarakhand # Helping the local youth to open a shop by making them skillful. # To disseminate their publicity after opening a shop. # Niva of Uttarakhand Ion to be aware to get work from the establishment of local youth | our local Uttarakhandi young men of talent to work I have a great deal of interest not appearing because we own the only people | If a youth starts the work of hair salon, carpenter, welder etc. then the people of our society start making fun of him. Often people start saying, look, become a welder after reading, writing hair, etc. etc. While cleaning the dishes in the same young metropolis, even while showing off, the parents say that the boy is doing the job in the city. We have to change this mentality now, stop showing off and increase the morale of the youth who become self-employed. Is There is a need to look at such youth with respect. Friends, you are requested to ensure financial and social support for this grand campaign. Now just talking will not work, we will need the cooperation of every section of our society. Apart from moral support, financial help is also needed to run this campaign. According to your current financial situation, provide financial help for one year only. We promise you that we will bring radical changes in our society. Jai Bharat, Jai UttarakhandNivedak ​​- Wild Tuskers Society (Registered)

Read More

Know a similar organisation in need of funds? Refer an NGO
support