Narmada agro foundation | Milaap
Narmada agro foundation
1%
Raised
Rs.100
of Rs.10,00,000
1 supporter
  • Na

    Created by

    Narmada agro foundation
  • SA

    This fundraiser will benefit

    Saurabh Agnihotri

    from Mainpuri, Uttar Pradesh

Story

वर्तमान समय में कृषि में हो रहे अंधाधूंध रसायनों के प्रयोग ने सिर्फ पर्यावरण को ही नहीं क्षति पहुंचायी है बल्कि इससे भूमि की उर्वरता का भी ह्रास हुआ है तथा मानव स्वास्थ्य को भी इसने बुरी तरह से प्रभावित किया है। इन समस्याओं के निदान तथा मानव को अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करने के लिए ब्रिटिश वनस्पति विज्ञानी  Sir Albert Howard (Father of modern organic farming)  ने अपने कुछ नवीन शोधों के साथ लोगों के सामने जैविक कृषि का प्रस्ताव रखा, जिसके अन्तर्गत कृषि में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के स्थान पर उर्वरक के रूप में जन्तु तथा मानव के अवशेषों का इस्तेमाल होता है बढ़ती जनसंख्या का पेट भरने के लिए जहां एक तरफ ज्यादातर लोग रासायनिक उर्वरक का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जैविक खेती करने में भारत दुनियाभर में नंबर वन पर है। इसकी एक वजह यह भी है कि जैविक उत्पादों की बाजार में अधिक मांग व अच्छी कीमत है। जिसके चलते ज्यादातर किसान जैविक खेती की तरफ रुख कर रहे हैं। साथ ही यह संख्या लागातार बढ़ती जा रही है। दरअसल, कम जमीन पर ज्यादा उपज के लिए रासायनिक उर्वरक का इस्तेमाल किया जाता है। भले ही इससे पैदावार बढ़ जाती है, लेकिन ये सेहत और पर्यावरण दोनों के लिए ही बेहद हानिकारक है। इससे लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है, साथ ही मिट्टी की उर्वरता शक्ति भी कम हो जाती है। जिसके चलते बाजार में आजकल जैविक उत्पादों की मांग बढ़ रही है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए नर्मदा एग्रो फाउंडेशन अपनी योजनाओं के तहत किसानों को खेती में सहायता कर रही है किसी भी खेती को पूरी तरह जैविक बनाने के लिए करीब 3 साल का वक्त लगता है। जैविक खेती में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल न करते हुए गोबर की खाद या कम्पोस्ट का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही कीटनाशकों की जगह लहसुन, नीम का घोल, मट्ठा, मिर्च, लकड़ी की राख के अलावा गोमूत्र का इस्तेमाल भी किया जाता है। इन सभी चीजों के इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता साथ ही मिट्टी में जलधारण करने की क्षमता भी बढ़ जाती है इसलिए 3 वर्ष तक किसानों को जैविक खेती का कुशल प्रशिक्षण एवम् आर्थिक रूप से मदद करके नर्मदा एग्रो फाउंडेशन जैविक खेती के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है

Read More

support