Help Me Save Wild Animals | Milaap

Help Me Save Wild Animals

Ask for an update

Story



मैं धन के अभाव में हताश हूँ मुझे आप से उम्मीद है कि मुझे वन्यजीवों को पानी पिलाने में आपका सहयोग मिलेगा इस काम के लिए आपका सहयोग बहुत जरूरी है मेरे अकेले से यह नहीं हो सकता है यदि आप को मेरा यह कार्य वन्यजीवों के लिए जलबाई है पसंद आया तो कृपा समर्थन के लिए आगे आया और दोस्तों को भी साझा करें मेरा गांव पहाड़ी जंगलों के मध्य आता है तो मेरे
घर पहाड़ की तलहटी में सो में देखता हूं पहाड़ व जंगलों से जानवर निकलकर पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते फिरते हैं क्योंकि जानवर जंगल से बाहर ज्यादातर भूख प्यास में ही निकलते हैं मेरा मानना है कि बारिश के मौसम में जंगलों से बाहरी जानवर हैं। । नहीं निकलते क्योंकि वर्षा ऋतु में जानवरों को पहाड़ो जंगलों में पानी मिलता है और जो सर्दियों की गर्मियों में जंगलों का पानी सूख जाता है तो पानी के लिए वन्य जीव पहाड़ जंगलों से बाहर का रूक करते हैं और बाहर जानवर कभी-कभी मौत का शिकार हो जाते हैं। क्योंकि गांव में आवारा कुत्ते जानवरों के पीछे लग जाते हैं प्यासा जानवर भागता है कुत्ते कई दफा शिकार बना लेते हैं
जानवरों को भागते हुए जानवर सड़क क्रॉस करते हुए दूर-दूर तक चले जाते हैं और जानवरों सड़क क्रॉस करते समय वाहनों से एक्सीडेंट होते हैं कभी-कभी जाने भी जाति के जानवर हैं क्योंकि पानी सभी जानवरों और पक्षियों के रहने के लिए सबसे कीमती है और महत्वपूर्ण स्रोत है जो पेयजल की अनुपस्थितता के कारण उनकी मृत्यु का कारण बनता है मुझे वन्यजीव से प्यार है और उनके कल्याण का कारण मेरे दिल के बहुत ही। रीब है मेरा मन में विचार आया कि अपने स्तर से लोगों से सहयोग लेकर वन्यजीवों को पानी पिलाए तो मैंने लोगों से सहयोग मांगना शुरू किया पानी पिलाने के लिए जानवरों को तो लोग मेरी हंसी करने लगे कि देखो भाई या पानी पिला दे गो जंगल में जानवर। को हमको तो खेती के लिए पानी नहीं मिल रहा जो फसल को हमारी तो फसल ही तरसती है पानी के बगैर क्योंकि लाइट कम आती है जरूरत के हिसाब से अलग-अलग तरह की बात करने लगे। लोग यह सब सुनकर मैं तापश हो गए थे कि तुम अकेले से यह नहीं हो सकता और मैं शांत बैठ गया फिर मेरे सामने एक घटना होती है जून 2017 में मेरे घर पहाड़ के तलहटी में रहने वाले हैं पहाड़ से उतर कर 3 लंगूर आते हैं मैंने एक कुंडी जिसको फरमा भी बोलते हैं वह बना रखा है जानवरों को पानी पीने के लिए वह। तीनों लंगूर हमारी छत पर बैठ जाते हैं यह सब मैं भी देख रहा था लंगूर को पानी नजर आता है वह तीनों लंगूर छत से कूदकर कुंडी पर जाते हैं उन्हें कुत्ते नजर आते हैं और वह बगैर पानी पिए तीनों भाग ते हैं यह देख कर मेरा दिल बहुत दुखी हुआ कि रात नींद नहीं आई हूँ पापा से सलाह कि पापा में जानवरों के लिए पानी सप्लाई करना चाहती हूं जंगलों में आप मुझे ट्रेलर टैंकर दिलवा दो पापा ने कहां है तो अब बारिश के मौसम आने वाला है साल सोचेंगे दिन बीत गए 22 जनवरी 2018 में पापा ने डेढ़ लाख रुपये ब्याज पर लगभग 6 लाख रुपये का नया कंपनी से फार्म ट्रक कनेक्टर लिया बाकी ट्रैक्टर 450000 का फाइनेंस करवा दिया ट्रैक्ट को हमने छोटे भाई शिव लाल के नाम रजिस्ट्रेशन करवा दिया क्योंकि वह जानती थी कि अब टैंकर के लिए पैसे के लिए किसी साहूकार से ब्याज पर डेढ़ लाख रुपये और सोचा था कि एक टैंकर बनाएंगे इसी बीच परमात्मा ने 1 दंड और दे दिया पापा जी अचानक बीमार हो गए पापा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। में पता चला कि उनके सिर में नस ब्लॉक हो गया है इसकी वजह से ये को लकवा आ गया है अस्पताल का खर्चा हुआ 145000 अब टैंकर के लिए पैसे नहीं ले पाए आर्थिक तंगी की वजह से Fi मेरे विचार वन्य जीव पानी सप्लाई के लिए ब्रेक लग गया एक रोज मेरी पत्नी ने कहा कि आप अपनी बाइक से ही पानी सप्लाई करो जंगल में सोचा आइडिया तो ठीक है मेरी बाइक से मैं दूध का काम करता हूं उस पर लोहे का जाल लगवा रखा है। जिस पर लोहे के चार ढोल भी बोलते हैं वह भर कर ले जाता हूं 170 लीटर पानी आ जाता है उसको जंगल में सप्लाई करके आता है दो-तीन चक्कर डालकर आता हूं जंगलों में गर्मियों में लेकिन समस्या आतंक है जहां पानी डालता हूं वह गड्ढे वह जो होड़ मिट्टी के हैं तो पानी को मिट्टी ही पी जाती है अगर अगर बर्तन के रूप में जंगलों में खेल बड़ी पक्की बन जाती है तो जानवरों को स्वच्छ जल मिल पाता है वह जल बर्बाद होने से भी बचता है और मैं गरीब आदमी मेरा दूध का काम भी बाधित होता है क्योंकि मेरी बाइक कई बार जंगल में खराब हो जाती है तो समय पर सुधरा नहीं पाता हूं वह खर्चा भी उठाती है क्योंकि मेरी कमाई का जरिया दूध का कब्ज अब विचार कर रहा है कि इस काम के लिए हीं से मुझे सहायता मिल जाए तो मैं आसपास के जंगलों में पानी सप्लाई कर सकूं इसके लिए इसके साथ अनाथ और विधवाओं के बच्चों के बच्चों की शादियों में भी पानी सप्लाई निस्वार्थ हो सके इसके लिए एक ट्रेलर मेरे पास है एक ट्रैक्टर के लिए एक टैंकर की जरूरत है। क्या आसपास के गांव में अनाथ वह विधवा महिलाओं के बच्चों के बच्चों की शादियों में पानी सप्लाई हो सके और आपके सहयोग से इस कार्य को बढ़ाना चाहत है। हूं आसपास के जंगलों में पानी के बर्तन के रूप में पक्की खेल बनवाना वह पक्की कुंडी बनवाना जिनको फरमा भी बोलते हैं मेरे आसपास लगभग 20 25 किलोमीटर जंगल में वह पहाड़ में जिन में ही बनाएंगे पानी भरने के लिए जानवरों को पानी ले जाने के लिए एक ट्रैक्टर व एक टैंकर की जरूरत है और पानी की उपलब्धता के लिए एक बोरवेल बवानी है। हमारे यहाँ जमीन के अंदर पानी पानी है मेरे यहाँ पर ओडेक्स मशीन कामयाब है क्योंकि जमीन के अंदर पत्थर रोड़े हैं इसलिए लोहे के पाइप के साथ डालने डालने वाले हैं क्य ्यूट दर-दर म्यूट होता है इसलिए लोहे के पाइप के चलते होते हैं हमारे यहाँ तो 600 फुट बोरवेल exc है इसमें 500 फुट लोहे के पाइप करेंगे बाकी नंगा रहेगा बोरवेल से पानी निकालने के लिए मोटर की जरूरत पड़ेगी उसके साथ लोहे का रस्सा पानी लाइन में बदल जाएगा। वे अन्य उपकरण मोटर संबंधी वह मोटर को चलाने के लिए लाइट कनेक्शन करवाना देंगे यह सब करने के लिए लगभग 21 लाख की जरूरत है यह कार्य आपके सहयोगी से मेरे लिए आसान है Oga यदि आप दाताओं को यह कार्य पसंद आया तो कृपा करें मेरे समर्थन के लिए आगे आओ हरपूत का स्वागत है और मेरे लिए मूल्यवान है क्योंकि पानी की एक बूंद जानवरों के लिए महत्वपूर्ण है दाताओं को विश्वास दिलाता हूं कि आपके धन का सदुपयोग होगा जानवरों को पानी पिलाने में एक भी रुपए का उपयोग मेरे व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं होगा। दाताओं को हमेशा अपडेट रहता है और इस कार्य के उद्घाटन अवसर पर आप दाताओं को मेरे गांव में पढने के लिए अपडेट भेजेंगे आप पधारे और देखिए कि आ पका धन का सदुपयोग कैसे कैसे हो रहा है कार्य की भविष्यवाणी लागत इस प्रकार है 322000 दो टैंकर 4 टायर लिखाई प्रिंट सहित एक टैंकर की जल क्षमता 5000 लीटर तो इसलिए दोनो टैंकरों में 10000 लीटर पानी हो जाएगा 116010 टन लाइन लाइन केबल रस्सा लोहा का मिक्सर व अन्य उपकरण मोटर संबंधित 206250 और 25 लोहे के पाइप एक पाइप का वजन 150 150ow लगभग प्रति 55 प्रति किलो और 180000 की लागत से 600 फुट बोरवेल औसत 655000 एक ट्रैक्टर फार्म ट्रक 60 और 2 लाख की लागत से 10 खेल बनवाना पक्की जंगल में पानी भरने के लिए 300000 की लागत से 100 कुंडी जंगल में बनवाने है सो पानी भरने के लिए 65000 रुपए का खर्चा लाइट कनेक्शन खर्चा लेबर चार्ज tar खिंचाई डिमांड नोटिस और 10000 रुपए की चैन पुली बोलते हैं। मोटर उतारने चढ़ाने के लिए टोटल लागत लगभग 2054260 रुपए आपके सहयोगी से 40 दिन में इस अभियान को सफल बनवाना होगा क्योंकि आगे गर्मियों का मौसम आने वाला है। जंगलों का पानी सूख गया है इसलिए इसलिए वन्यज वों को जंगलों में पानी उपलब्ध हो सके धन्यवाद
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Estimation Letter
Content Disclaimer: The facts and opinions, expressed in this fundraiser page are those of the campaign organiser or users, and not Milaap.
Rs.7,000 raised

Goal: Rs.21,000

Beneficiary: Sadhuram info_outline

Supporters (1)

SG
Sonali donated US $100