Help Financially Challenged Children For Their Education | Milaap
Help Financially Challenged Children For Their Education
6%
Raised
Rs.5,600
of Rs.100,000
10 supporters
  • A

    Created by

    Ankur
  • pa

    This fundraiser will benefit

    poor and needy student

    from Sirsa, Haryana

Story

Please take a moment and read it carefully.

Unshared Truths Association is a Non-Governmental Organization(NGO)
incorporated as section-8 under the companies act 2013.
We are working to promote children's rights in the whole of India.
Recently UTA has started a campaign to provide completely free-of-cost schooling education to the poor and financially challenged.
Our motive is to cater school education to the children, Who don't even have money for food due to the COVID pandemic.
According to a news report, 32 million Indian children have never been to any school, and this figure is increasing day by day. 
We want to work for children who have a passion for studies.
But unfortunately, due to family circumstances and their financial status, their parents can't provide a better education.
For the common man, it doesn't matter but have you ever taken a single moment to think about those who are really in need.
We have time for our family, friends, parties, and occasions, but not for those who are helpless.
Let's put your hand in this campaign and let the needy get an education.
We just sent you this with an expectation that so you can help someone.
Your kid's toys are much more expensive than this amount, so what are you thinking now. Put your part in this initiative.
 A single thousand can let a single child get a better schooling education.




Unshared Truths Association एक NGO (एनजीओ) है, जो की  कंपनी अधिनियम 2013 के तहत धारा -8 के रूप में निगमित है, जो की भारत में बच्चों के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
हाल ही में UTA ने गरीबों और आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चों को पूरी तरह से मुफ्त स्कूली शिक्षा प्रदान करने के लिए एक अभियान शुरू किया है।
हमारा उन मकसद बच्चों को स्कूली शिक्षा देना है, जिनके पास COVID महामारी के कारण भोजन के लिए भी पैसे नहीं हैं।
एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक 32 मिलियन भारतीय बच्चे कभी किसी स्कूल में नहीं गए और यह आंकड़ा दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है।
हम उन बच्चों के लिए काम करना चाहते हैं जिनमें पढ़ाई का जुनून है, लेकिन दुर्भाग्य से, पारिवारिक परिस्थितियों और आर्थिक स्थिति के कारण, उनके माता-पिता बेहतर शिक्षा प्रदान नहीं कर सकते।
आम आदमी के लिए यह कोई मायने नहीं रखता लेकिन क्या आपने कभी उन लोगों के बारे में सोचने के लिए एक पल भी निकाला है जो वास्तव में जरूरतमंद हैं।
हमारे पास अपने परिवार, दोस्तों, पार्टियों और अवसरों के लिए समय है, लेकिन उनके लिए नहीं जो असहाय हैं।

आइए इस अभियान में अपना योगदान डालें और जरूरतमंदों को शिक्षा दें।
हमने आपको यह सिर्फ इस उम्मीद के साथ भेजा है कि आप किसी की मदद करने के लिए आर्थिक तोर से समर्थ हैं ।
आपके बच्चे के खिलौने भी इस राशि से कहीं अधिक महंगे आते हैं, तो अब आप क्या सोच रहे हैं।
 आइये और इस अभियान में अपना योगदान डालें ताकि किसी जरूतमन्द को सहयता मिल सके।
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