Help Kulvinder W/o Late Naresh Bhardwaj for her children's education | Milaap
Help Kulvinder W/o Late Naresh Bhardwaj for her children's education
23%
Raised
Rs.4,50,557
of Rs.20,00,000
225 supporters
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    Created by

    Hemant Kumar Jangid
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    This fundraiser will benefit

    Kulvinder Bhardwaj

    from Jaipur, Rajasthan

Myself Kulvinder Bhardwaj wife of late Mr Naresh Bhardwaj (Studied at Jawahar Navodaya Vidyalaya Paota Jaipur 1988-95 Batch and employed by SBI life at Jaipur Branch).

Naresh and both of his parents  were suffering from Covid infection and in intensive care at Jivan Rekha Hospital Jagatpura Jaipur. Initially their recovery was good, however they gave up and finally succumbed to death.
This unfortunate and untimely demise of Naresh and his parents  not only left us in deep agony but has shattered and devastated us to core of our heart and left in life long indispensable void where I alone need to up bring my children and fulfilling other obligation, which are stood gigantically tall and big in front of me.
Naresh was the only bread earner in my family and now we are left with no earning and big obligation of upbringing my kids. In such an instance of life every penny becomes important for us.

The sum total of medical bills paid to hospitals were approx.  INR 10 Lakh, this is an astronomically big amount for an individual like me, the mother of two kids with no earnings. This even exhausted my family savings as well. We shifted to Jaipur 3 year back and planned to take our own dwelling unit, but this unprecedented pandemic Covid-19 has shattered my life completely.

 Now left with my 2 school going children with no home and no earnings.  
 I have received every needed help from such a big friends family  fraternity and everyone helps us with the best of their potential. I am very hopeful, on this request also to help us out by paying your convenient amount. I have no other source of money and such a big amount  paid for the hospital, has already distorted my financial situation to the worst of its scenario. My kids future is at the  disposal of friends fraternity  and being a concern mother I request to help me  for securing my kids sustainable life and their future.

I, myself and my children will owe great debt to this mighty friends fraternity.
Hope you can understand our agony and will surely help us.


For more details you can call on these numbers...

 Poonam Bhatia, Headmaster,
 Sanganer - 99503 34790

 Dr. Dharamveer Yadav, Associate Professor
 AIIMS, Jodhpur - 94610 50250

 Thank you.

 Kulwinder Bhardwaj
 W/o  Late Naresh Bhardwaj
 Phone - 8005976962


मैं कुलविंदर भारद्वाज पत्नी स्व. नरेश भारद्वाज अब तक अपने पति, बच्चों व सास ससुर के साथ जयपुर में रह रही थी।
कोरोना की दूसरी लहर में एक एक करके हम सभी चपेट में आ गए। एक दिन साँस लेने में तकलीफ होने पर मेरे पति "नरेश भारद्वाज" को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। उसके 2 दिन बाद ही मेरे ससुर जी को भी एडमिट करवाना पड़ा।
उसके 2 दिन बाद ही मेरी सासू मां की हालत घर पर ही ज्यादा खराब हो गई व अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
ये मेरे लिए पहला झटका था। अब उस घर में मेरे दो छोटे बच्चों के साथ मैं अकेली रह गई थी क्योंकि दो सदस्य तो अस्पताल में थे।
चूंकि मैं खुद कोविड पॉजिटिव थी व वो भी पॉजिटिव थे तो मिलने भी नहीं जा सकती थी।
कुछ समय के अंतराल में ही मेरे पति व मेरे सास-ससुर तीनो ही हमें छोड़ पंचतत्व में लीन हो गए।
अब तो मेरा दिमाग सुन्न ही हो गया था।
क्योंकि मैंने तो शुरू से ही घर संभाला व सास ससुर की सेवा की। मैं तो कमाने की लिए कभी निकली ही नहीं। इसी बीच पता लगा कि इलाज में 10 लाख रुपये लगभग लग चुके हैं उनमें से भी ज्यादातर उधार के ही थे।
आज के समय में मेरे पास सर छुपाने के लिए ना तो छत है, ना मेरे बच्चों के लालन पालन के लिए पैसा।

नरेश के भरे पूरे परिवार में अब मात्र उनकी पत्नी मैं व दो बच्चे रह गए हैं, जो बहुत ही छोटे हैं।
नरेश भारद्वाज ने कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा नवोदय विद्यालय, पावटा, जयपुर से की थी वो 1995 बैच के विद्यार्थी था।
नरेश SBI life insurance, जयपुर में कार्यरत थे। 2 साल पहले तक हम सपरिवार कोटपूतली रहता थे। कुछ समय पहले ही हम जयपुर में शिफ़्ट हुए थे।

वे जयपुर में ही मकान बनाना चाहता थे पर पिछले साल से लगातार कोरोना, लॉक डाउन व अन्य वजहों से यह सम्भव नहीं हो पाया।

वे व उसके पिता जी लगभग 20-25 दिन तक अस्पताल में एडमिट रहे। उनको बचाने की हरसंभव कोशिश की गई। परन्तु ईश्वर की मर्ज़ी के आगे हम सब बेबस ही रहे। अस्पताल में लगभग 10 लाख का खर्चा हो गया।
आज की स्थिति के अनुसार मेरे के सर छुपाने के लिए घर भी नहीं है। मै किराया भी वहन करने की स्थिति में नहीं हूँ क्योंकि मैं घरेलू महिला ही है।
  इन परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए कुछ समय के लिए  (हो सकता है 1 या 2 साल के लिए) मुझे आप सभी से आर्थिक व मानसिक सहयोग की आवश्यकता है।
आप सभी नवोदय के साथियों के लिए नरेश भारद्वाज कोई नया नाम नहीं है। नवोदय से जुड़े हर कार्यक्रम में वो अपनी सहभागिता देते थे।
पौधरोपण, रक्तदान  शिविर, एल्युमनी से जुड़ी हर गतिविधि में वो बढ़ चढ़ कर भाग लेते थे।
 इसी संदर्भ में आप सभी से अनुरोध है कि आप भी दया भावना से नहीं बल्कि सहयोग की भावना से उसके परिवार को इस असीम दुःखद घड़ी में मदद जरूर करें। आप सभी के सहयोग से उसके बच्चे कल के बेहतर नागरिक बन सकेंगे।

धन्यवाद।

कुलविंदर भारद्वाज
पत्नी स्व. नरेश भारद्वाज




 

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