गौरक्षा - अनाथ गायोँ को बचाओ | Milaap
गौरक्षा - अनाथ गायोँ को बचाओ
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  • Karuna

    Created by

    Karuna Mai Tyagi
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    This fundraiser will benefit

    Karuna

    from Mandla, Madhya Pradesh

Story

मेरा नाम करुणा माई त्यागी है। 12 वर्ष पहले त्याग लेके वैष्णव साध्वी बन गयी। इस समय पवित्र नर्मदा जी के किनारे मंडला जिला (म.प.) में एक आश्रम के कुटिया में रहती हूं। 3 साल से गौसेवा और गौरक्षा करती हूं और लवारिस, अनाथ, बूढ़े, कंजूर और बीमार गाइयो और बैलों के लिए एक गौशाला बनाने की कोशिश कर रही हूं। इस्सी क्षेत्र में बहूत अनाथ गाय और बैल घूम और बटक रहे हैं, बार बार किसानों के खेत में घुसते मार खाते हैं। गाय-बैल को छोड़ देते जब दूध देने या जोतने का काम बंद हो जाते हैं। काई गाय और बैल की स्थिति बहुत खराब है, भूखे दुबले-पतले, बीमार हैं गरीब क्षेत्र होने के बजह से बहुत से लोग साही गौसेवा नहीं कर सकते हैं।
जैसे आश्रम का ज़मीन आबादी है सरकारी गौशाला स्कीम यहां एप्लीकेबल नहीं हैं, कुछ सहयोग नहिं मिलता। भक्तों का दान करना कोविद 19 और लोकडौन होने पर बहुत कम हो गया है।
यहां अभी 12 गैयो/बैलों की सेवा चल रही है, एक लांगला बैल और 5 बछिया हैं, इस के बाद एक गिर गाय जिसको एक भगत के सहयोग से ले लिए उस के जीवन बचाने के लिए , बीमार और हड्डी ही हड्डी थी। दो दूसरी गाय छोटी पर बहुत तेज हैं, उनको समालने चलाने में लोग थक जाके हमको दान दिये और एक hf क्रॉस गाय है जो पुराने थन रोग के कारण से दूध नहीं दे पाती। उसकी छोटी बछीया इस समय बोतल से पिलाई जाती है।
काई लोग मुझको अनाथ गाय-बैल पहुंचाने की तैयार हैं पर जब तक हमारा व्यवस्था गड़बड़ है मना करना ही पड़ेगा। खुराक, गास, पशु आहार की कमी है और सबको सुरक्षित रखने का सिस्टम (अच्छा बड़ा हॉल/सार) भी नहिं है।
जगह बहुत है, आरामसे 50-100 गाय रख सकेंगे पर बिना स्टोरज रूम या स्टोरज हॉल उनका आहार भी सेफ नहीं है।
गौमाता की सेवा करने की मेरी बहुत इच्छा है पर बिना रखने और खिलाने के व्यवस्था मैं इस धार्मिक काम आगे नहीं कर पाउंगी।
ॐ गौ माता की जय

I am karuna Mai Tyagi , took to life as a Vaishnav Sadhvi some 12 years ago, living in a small ashram at the banks of holy Narmada in Mandla district (Madhya Pradesh).
I am doing Gauseva and Gauraksha for three years, trying to build up a gaushala for stray, abandoned, old, sick, neglected, and malnourished cows and bulls. there are many cases of stray cows here, who are often beaten by farmers when they invade the crop fields. some are just being abandoned when they no longer give milk or are old and unproductive. some are thin and in bad condition due to the economic problems of their owners. this countryside/jungle side is poor and underdeveloped.
as the ashram's land is Abadi land without an owner it is not eligible for the government gaushala scheme and due to the corona crisis/lockdown donations went very poor.

I have 12 cows, amongst them five calves and one lame bull. one gir cow came here sick and thin, actually a bhakt bought her from the owner to save her life. two are complicated small cows with too strong characters to manage by their owners. another was a stray bull with a broken hip, who walks on three legs. another is a beautiful hf cross cow who gives no milk due to an old udder problem. her calf is just fed with bottle these days.
many people ask me to take more stray cows from the villages around. i would like to but do not have the necessary resources for feeding, not even enough stables/hall. there is enough ashram land here for at least 50-100 cows, but no infrastructure, not even a storage room/hall to keep the foodstuff safe.
I feel I am responsible for the cows and bulls but need money for food, medical assistence, infrastructure, and a helper otherwise I cannot continue this devoted work.

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