Ashraf Ali | Milaap
Ashraf Ali
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  • Ashraf

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    Ashraf Ali
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    Ashraf

    from New Delhi, Delhi

Story


हाय दोस्तों मैं फाउंडर NISHA OF INDIA, transportation,
दोस्तों कोरोने की वजह से हमारे देश की जो हालत है, वह आप जानते ही हो। जिसकी वजह से गरीब मजदूर बहुत प्रभावित हुए हैं। और उन लोगों में कुछ महाशय ऐसे भी हैं। जो भूखे से मर जाएंगे, लेकिन जुबान से नहीं कहेंगे। लेकिन कुछ बुद्धिजीवी ऐसे हैं जो चेहरा पढ़ लेते हैं। इस नाजुक वक्त को देखते हुए हमने एक हेल्पिंग ग्रुप बनाया है।
4 मई 2021 तक 25 फाउंडर मेंबर ₹10000 की मदद करके मेंबरशिप ले चुके हैं। और अब आपकी बारी है। दोस्तों घबराइए गा नहीं। आपको ज्यादा पैसे देने की जरूरत नहीं। आप जो चाहो दे सकते हो। आपका ₹1 भी डूबते हुए के लिए तिनका साबित होगा।
दोस्तों हमारा मदद करने का तरीका सबसे अलग है। हमारे इंटेलिजेंस की टीम गली मोहल्लों और घरों में जाकर। खुफिया तौर पर हालात का जायजा लेती है। और मजबूर लोगों की लिस्ट बनाती है। फिर केवल एक व्यक्ति उन घरों में जाकर पैसे और राशन मुहैया कराता है। और उस परिवार को यह वचन देता है। कि हमारे द्वारा की गई मदद का किसी को पता नहीं है।
दोस्तों इस नाजुक घड़ी में अगर हम एक दूसरे की मदद नहीं करेंगे तो कौन करेगा? हमारी पूरी टीम की आपसे गुजारिश है। इस नाजुक घड़ी में अपने भाइयों की दिल खोलकर मदद करें।
दोस्तों जब तक हमने अपनी जेब से खर्च किया बहुत आसान था! लेकिन लोगों से इकट्ठा करना बहुत मुश्किल होता है।
किसी ने सच कहा है कि करने वाले से कराने वाला बड़ा होता है।
मैं आशा करता हूं कि आप इसे आगे शेयर कर के बड़ा बनने की कोशिश करेंगे।
हमारे हर काम को ईश्वर देख रहा है।

Hi guys I am the founder, NISHA OF INDIA, transportation,
 Friends, you know the condition of our country because of Corona.  Due to which the poor laborers have been greatly affected.  And some of those people are also like this.  Those who will die of starvation, but will not say with tongues.  But there are some intellectuals who read the face.  In view of this critical time, we have formed a helping group.
 As of 4 May 2021, 25 founding members have taken membership with the help of ₹ 10000.  And now it's your turn.  Friends do not worry.  You do not need to pay much money.  You can give whatever you want.  Your ₹ 1 will also prove to be a straw for drowning.
 Friends, the way we help is different.  Our Intelligence team visiting street mohallas and houses.  Intelligently takes stock of the situation.  And makes a list of forced people.  Then only one person goes to those houses and provides money and ration.  And gives that promise to the family.  That no one knows about the help we have given.
 Friends, if we do not help each other in this critical moment, then who will?  Our entire team is requesting you.  Help your brothers open heart in this delicate time.
 Friends, the time we spent out of our pocket was very easy!  But it is very difficult to gather from people.
 Someone has told the truth that a person is bigger than a doer.
 I hope that you will try to become bigger by sharing it further.
 God is watching everything we do.

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