Help Ankita & Arpita Continue Primary Education | Milaap
Help Ankita & Arpita Continue Primary Education
53%
Raised
Rs.31,740
of Rs.60,000
9 supporters
  • KG

    Created by

    Koushik Ghosh Choudhury
  • AB

    This fundraiser will benefit

    Ankita Bhattacharji

    from Jamshedpur, Jharkhand

Late Mr.Bishwajeet bhattacharya one of my family friend a resident of Birsanagar, Jamshedpur . In the year 2016 he is died due to  a sudden heart attack.leaving behind his wife ( Mousumi Bhattacharji), 70 years age father ( Mr. Prashant Bhattacharji) and two daughters ANKITA BHATTACHARYA(9 YEARS) and ARPITA BHATTACHARYA(5 YEARS)at present.

They are my neighbours. 
 
The two daughters are academically very strong n intelligent and are very much interested in studies. But unfortunately the sudden death of Mr.Biswajeet has changed the scenario of the family's  financial condition because of which the two girls are now facing huge problems to  continue their studies. 
Ankita is in class 4 now and Arpita in Ukg.in  Loyola Collegiet School, Telco, Jamshedpur. The two girls live  with their mother  Mrs. MOUSUMI BHATTACHARYA and grandfather Mr. PRASANT BHATTACHARYA(70 Years).  Mrs.Mousumi works in an office( a small office) to look after her family and Mr.Prasant is very old now and cannot work to earn and the death of his son at a young age has given him huge shock. Whatever amount he gets after retirement is spent on the children's education. But now the family is suffering financially and facing problems in paying the school fee. If this problem continues then the girls will hv to leave the school. 
The Yearly fee  of the two girls are as: ANKITA - Rs. 30,300 and ARPITA- Rs.  28,460. So we can clearly understand that it's difficult for the family to bear such heavy amount of fees. 
So it's a request to u people to plz contribute some amount to help the children continue their studies. The girls will be benefited just with the help u all extend towards them. Please try to understand this serious problem n help the family. Your little effort will provide these girls  with a beautiful future.
 सन 2016 में हमरे  पारिवारिक मित्र स्वर्गीय बिश्वजीत  भट्टाचार्जी  की अकस्मात हृदय गति के रुकने से मौत हो गयी  , अंकिता एवं अर्पिता  3 वर्ष पूर्व बचपन में ही अपने पिता को खो चुके है I  तमाम प्रयासों के बाद भी बिश्वजीत उन्हें बचाया नहीं जा सका। तब से पूरा परिवार सदमें हैं। बच्चियों के पिता स्वर्गीय बिश्वजीत भट्टाचार्जी  के नहीं रहने पर  अंकिता एवं अर्पिता के शिक्षा की  जिम्मेदारी हम सभी  पर है। उनके मदद के लिए हम सभी  को आगे आना चाहिए।अंकिता – लोयोलो कोलेजिएट स्कुल टेल्को , कक्षा 4 एवं अर्पिता – U KG की छात्रा है I दोनों बच्चियों अपनी माँ ( मौसुमी भट्टाचार्जी ) के साथ अपने 70  वर्षीय दादा जी के साथ रहते है I 70 वर्षीय श्री प्रशांत भट्टाचार्जी ( (बच्चियों के दादा जी)  वृद्ध हो चुके है एवं  अपने जवान बेटे  स्वर्गीय बिश्वजीत भट्टाचार्जी ( प्रियंका एवं अर्पिता के पिता ) के  आकस्मिक निधन से बिलकुल टूट चुके है I रिटायरमेंट के बचे पैसों से बड़ी मुस्किल से घर चलता है एवं बच्चियों की फीस का इंतजाम किया जाता है I अंकिता एवं अर्पिता की माता एक छोटी से कार्यालय में काम  करके घर चलाने में सहयोग करती है I लेकिन भीषण महंगाई की वजह से स्थिति दिन पर दिन बिगड़ती ही जा रही है I विगत दिंनों काफी दिक्कत से स्कुल की फीस को जमा किया जाता था पर आने वाले समय में यही स्थिति रही तो अंकिता-अर्पिता के स्कुल की फीस देना भी नामुमकिन हो जायेगा एवं स्कुल से नाम काट दिया जायेगा , इससे इन दोनों बच्चियों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा I पर अब दोनों बच्चियों के दादा जी का कहना है कहीं भी कोई रौशनी की किरण दिख नहीं रही है .....अब मेरी उम्मीद बिखरने लगी है Iफी स्ट्रक्चर के अनुसार अर्पिता – UKG की छात्रा है एवं वार्षिक फी – 28,460/-  रुपये  एवं अंकिता कक्षा 4 की छात्रा है एवं वार्षिक फी – 30,300/- रुपये जमा करनी है I दोनों बच्चियों की कूल फीस सालाना लगभग 60,000/- रुपये होता है I इस विषय पर घरेलु स्थिति को देखते हुए स्कुल प्रबंधन से फीस में कुछ छुट देने के लिए अनुरोध किया गया था पर स्कुल प्रबंधन ने इनकी मांग को ठुकरा दी I स्कुल के रिपोर्ट कार्ड के अनुसार  दोनों बच्चियां काफी मेघावी है एवं इन दोनों बच्चियों के भविष्य आपके एक छोटे से  सहयोग से संवर सकता है I इन फूल जैसे बच्चियों को मुरझाने नहीं देना है एवं अंकिता एवं अर्पिता का भविष्य आप सभी सहयोगियों का हाथो है I आपका एक छोटा सा प्रयास भी दोनों बच्चियों का भविष्य संवार सकता है I

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