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Save Ramesh, both kidneys failed, needs transplant - JNV Alumni, 37 yr

Ramesh Kumar Chaudhary is an alumni of JNV Sardhana (JNVS) Meerut, U.P., India (1997 passout).  

We shared many years in that middle cum high school, a fully residential & funded government school under the national body Navodaya Vidyalaya Samiti.

A few weeks back, we learned that Ramesh is in a dire financial need for his medical condition. 5 years ago, at a young age of 32, he was diagnosed with End Stage Renal Disease (ESRD), which means failure of both kidneys because of extremely high blood pressure.

Since then he has been under the treatment and dialysis (3 times per week) at MAX Hospital, Delhi. Thanks to the hospital, these recurring expenses are covered under Economically Weaker Section (EWS) category and he is provided with a small patient accommodation in Mayur Vihar, Delhi.

Ramesh is from Baraut (district Baghpat) and belongs to a farmer family. After JNVS, he did under-Graduation and started working at a book publisher in the sales team. He worked there for 10 years and was very good at writing Hindi articles, columns, stories and editorials and he is good even today. But he lost this job in 2011 when couldn’t continue full time because of his illness.

His parents are too old to support themselves. His wife Jyoti and daughter Ananya (studies in 6th grade, 11 years old) are looking for a miracle. The family is hand to mouth and always wish and pray for his recovery. We all want to see this father & husband get well soon, become self-dependent, support his daughter’s education and grow old with his wife. There are so many events ahead in their lives and this candle is the only source to light the path. Ananya needs her father, Jyoti needs her husband and the old parents need their son to live longer and be the ‘Saya’ over the family.

We can’t let this ‘Diya’ blow out. Please open your hearts, they need us. With a kidney donor in the family, he still needs money for the transplant and post care so that he can get back to self-sufficiency. This is why we request your gracious donation. No amount is small.

We strongly believe in ‘Karma’ and know for sure that humanity thrives in all of us.

Request to all our friends and family to help. Ramesh bhai's

thank you
Arjun Singh and Subodh Gupta
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नवोदय विद्यालय, सरधना (मेरठ) के 1990-1997 बैच से रमेश चौधरी भाई को इस समय हम सब नवोदय भाई-बहनों की मदद की बेहद आवश्यकता है।।

5 वर्ष पहले लगभग 32 वर्ष की अल्पावस्था में अत्यधिक उच्च रक्तचाप की वजह से उन्हें End Stage Renal Disease (ESRD) यानि दोनों किडनी का fail होना, नामक बीमारी से ग्रसित होने का पता चला। तभी से वह मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली में उपचाराधीन हैं। उन्हें सप्ताह में 3 दिन डायलिसिस करानी पड रही है।। इसके लिए मैक्स हॉस्पिटल दिल्ली को साधुवाद जो उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के अंतर्गत मिलने वाली चिकित्सा सुविधा मुहैया करा रहा है।। उन्हें हॉस्पिटल के समीप छोटा सा रोगी आवास प्रदान किया गया है जिसमें वे अपनी पत्नी श्रीमती ज्योति एवं इकलौती पुत्री अनन्या, (उम्र 11 वर्ष, कक्षा 6 में अध्ययनरत) के साथ रहते हैं।।

रमेश भाई जो मूल रूप से बागपत जनपद के बड़ौत के रहने वाले हैं, किसान परिवार से सम्बंधित हैं। स्नातक करने के उपरान्त उन्होंने एक पुस्तक प्रकाशन कंपनी की सेल्स टीम में 10 वर्षों तक कार्य किया। वे हिंदी लेख, कॉलम, कहानियां एवं संपादकीय लिखने में पारंगत हैं परंतु ख़राब स्वास्थ्य के चलते उन्हें 2011 में अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।। उन्होंने 'दिल्ली से गाँव तक' नामक हिंदी मासिक पत्रिका का भी संपादन किया। परंतु खराब स्वास्थ्य और आर्थिक तंगी के चलते यह प्रयास भी फलीभूत नही हुआ।

इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है कि उनके उम्रदराज माता-पिता जिन्होंने अपने बुढ़ापे का सहारा उनमें होने के सपने संजोए होंगे आज उनको इस अवस्था में देखते रहने को मजबूर हो गए हैं। उनकी पत्नी जिन्होंने एक हंसती खेलती ज़िन्दगी के न जाने कितने हसीन सपने खुली आँखों से देखे होंगे, आज घुट घुटकर जीने को अभिशप्त हैं। उनकी मासूम सी बेटी जिसको अभी ज़िन्दगी की तमाम दुश्वारियों का पता भी नही होगा अपने पिता को इस अवस्था में देखकर क्या बीतती होगी, इसका अनुमान भी नही लगाया जा सकता।

उनके पूरे परिवार को इस समय एक चमत्कार की आशा है। उनकी इस आशा की एक किरण हम सब बन सकते हैं। उनकी दुखों भरी ज़िंदगी में छोटी सी ख़ुशी की वजह हम सब बन सकते हैं।। वृद्ध माता-पिता को उनका बेटा, एक पत्नी को उसका पति और एक मासूम बेटी को उसका पिता, एक परिवार को उसकी खुशी हम सब मिलकर लौटा सकते हैं। उम्मीद की इस हल्की सी लौ को जलाए रखने की जिम्मेदारी हम सब की है।। इस समय उन्हें हम सबकी बेहद जरूरत है। कृपया सभी आगे आएं और यथासंभव सहयोग करें।। रमेश भाई हम सबके भरोसे अपने परिवार और निकट सम्बन्धियों में किडनी दाता की खोज कर रहे हैं जिसके प्रत्यारोपण एवं उसके बाद की चिकित्सा सुविधाओं के लिए हम सबके सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी।। इसलिए आपसे करबद्ध अनुरोध है कि यथासंभव सहयोग करें।। कोई भी सहयोग छोटा नही होता।। आपका एक छोटा सा सहयोग किसी की ज़िंदगी में खुशियां लौटा सकता है, किसी महिला को उसका पति, एक मासूम सी अबोध बेटी को उसका पिता और हमें एक सहृदय भाई लौटा सकता है।।
Lab Report 3
Lab Report 3
Lab Report 2
Lab Report 2
Lap report 1
Lap report 1
Family picture a few years ago
Family picture a few years ago
Ramesh and his small family
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3rd March 2017
Thanks everyone for all the help, we have to go few more steps to achieve our goal. Here is the ultra sound report of Ramesh

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